Saturday, September 14, 2013

हिंदी हमें नहीं आती



अंग्रेजी में  पढ़े  बढे हम
हिंदी हमें नहीं आती 
भाषा की कैसी परिभाषा 
फूटी आँख नहीं भाती 
मम्मी पापा, माम डैड  हैं 
दादा-दादी  ग्रांड 
भैया मेरे नंबर वन हैं 
लगते जेम्स बांड 
दीदी जब कालेज से  आती  
ऐसे  करती एक्शन 
जैसे वो मस्ती चैनल में 
करती जैनेट जैक्शन 
मम्मी हाय हैलो में रमती 
पापा क्लब में बंद 
भैया दीदी पब में जाते 
मन में अन्तर्द्वन्द 
कहाँ गए रावन  के राम 
कहाँ गयी सीता माता 
कहाँ गए राधा और कृष्ण 
कैसे टूट गया नाता 
राम लीला  में मेला देखो 
दीवाली में पपलू
होली में मुह काला करके
बन जाओ  बस बबलू 

Wednesday, March 6, 2013

हिन्दी बहुत डराएँ




मम्मी  मुझसे 
काम न कहना 
मेरा कठिन समय 
सालाना इक्जाम हो रहे 
सर पर सवार है भय 
अंग्रेजी और मैथ की होगई 
है सारी तैयारी 
हिन्दी से डर  लगता मुझको 
रूह कांपती सारी 
क्या ये है बेकार की भाषा 
अक्षर औ मात्राएँ 
संस्कृत के  सब श्लोक और शैली 
मुझको बहुत डराएँ 
सीधी सी , अन्ग्रेजी  भाषा 
न टेढ़ी मात्राएँ 
बचपन से ही  जिंगल  धुन 
रटे  और रटाये 
मास्टर जी से टीचर जी की 
कितनी प्यारी गरिमा 
अंग्रेजी की मेंम की  देखो 
कैसी सुन्दर महिमा 
हिन्दी वाली टीचर  जी की 
कैसी कठिन पढाई 
उन्सठ,उनहत्तर ,उन्यासी ,नवासी 
मुझ्कॊ समझ न आयी 
जैसे तैसे  बीत जाए सब 
होजाए हम पास 
हिन्दी से तौबा हो जाये 
मिल जाए बस क्लास .