Friday, November 4, 2011

सर्दी आयी सर्दी आयी













सर्दी आयी सर्दी आयी
खाओ रबडी,दूध-मलाई
मम्मी देना मफलर कोट
पापा लाकर दो अखरोट 
पंखे,कूलर, ऐसी बाय 
सूरज की गर्मी अब भाय 
आइसक्रीम अब दूर रहो
चाय-काफी की बात करो 
दादा के कट कट दांत करें    
दादी पानी से डरें
अब दोपहर जाना स्कूल
खेल कूद सब जाएँ भूल 
छोटे दिन अब लम्बी  रात
यही है सर्दी की सौगात .

-कुश्वंश  



  

1 comment:

  1. प्रिय कुश्वंश जी सुन्दर बाल कविता ...मौसम के अनुकूल ------मन खुश हो गया .

    भ्रमर ५
    बाल झरोखा सत्यम की दुनिया

    दादा के कट कट दांत करें
    दादी पानी से डरें
    अब दोपहर जाना स्कूल
    खेल कूद सब जाएँ भूल

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